देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने चम्पावत दुष्कर्म प्रकरण को लेकर राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चम्पावत दौरे से लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों में लगातार भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि चाहे हरिद्वार का अनामिका शर्मा प्रकरण हो, नैनीताल दुग्ध संघ से जुड़े मुकेश बोरा का मामला हो, चम्पावत का कमल रावत प्रकरण अथवा अंकिता भंडारी हत्याकांड—हर घटना में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय मामले दबाने का प्रयास करती रही है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी सत्ता और भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठे थे, लेकिन आज तक सीबीआई जांच की वास्तविक स्थिति जनता के सामने नहीं लाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल जांच के नाम पर समय काट रही है जबकि कई आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
ज्योति रौतेला ने चम्पावत प्रकरण को लेकर पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़िता और उसके पिता 48 घंटे तक कहां थे, इसका स्पष्ट जवाब अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने पूछा कि पीड़िता को दो दिनों में दो बार मजिस्ट्रेट के सामने क्यों पेश किया गया और यदि पूरा मामला साजिश था तो पीड़िता के पिता के खिलाफ अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि यदि बरामदगी के समय पीड़िता के हाथ बंधे हुए थे तो उन्हें कब और किसके द्वारा खोला गया। जिस स्थान से पीड़िता बरामद हुई वहां उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर दुष्कर्म की पुष्टि हुई या नहीं।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर वायरल कथित समझौता पत्र की सत्यता पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि मामला पूरी तरह फर्जी था तो पुलिस इतनी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि मात्र 24 घंटे के भीतर किसी संवेदनशील मामले को “फर्जी” करार देना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मामला केवल एक एफआईआर का नहीं बल्कि जनता के भरोसे, पुलिस की पारदर्शिता और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
ज्योति रौतेला ने दावा किया कि हाल ही में जारी एनसीआरबी के आंकड़ों में उत्तराखंड अपराध के मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ है, जो भाजपा सरकार की विफल कानून व्यवस्था का प्रमाण है।
पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष चंद्रकला नेगी, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, देहरादून जिला अध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव सुशीला शर्मा तथा अनुराधा तिवारी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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