बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के वन अधिकारी राहुल को जारी किया अवमानना नोटिस।हाईकोर्ट के आदेश पर भी लगाई रोक – पर्वतजन

भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के वन अधिकारी राहुल के खिलाफ अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी किया है।साथ ही, शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा दिए गए राहुल के खिलाफ मुकदमा चलाने पर रोक के आदेश पर भी अस्थायी रोक (Stay) लगा दी है।
 सुप्रीम कोर्ट ने मांगा पूरा न्यायिक रिकॉर्ड
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने इस मामले में न्यायिक रिकॉर्ड तलब करते हुए कहा कि “मामले में गंभीर चूक और न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना” दिखाई दे रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब यह मामला पहले से ही शीर्ष अदालत के संज्ञान (Cognizance) में था, तब उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश (Stay Order) देना उचित नहीं था।

 क्या है मामला?
मामला जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (Jim Corbett National Park) में हुए अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई से जुड़ा है।सुप्रीम कोर्ट इस पूरे प्रकरण की निगरानी (Monitoring) कर रही है।
इसी बीच, उत्तराखंड सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी राहुल के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति (Prosecution Sanction) दी थी।हालांकि, राहुल ने इस अनुमति को चुनौती देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर अदालत ने मुकदमा चलाने पर रोक लगा दी।
 शीर्ष अदालत ने जताई नाराज़गी
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि —

“हम राहुल और उत्तराखंड हाईकोर्ट दोनों के रवैये से बेहद व्यथित हैं। अधिकारी शीर्ष अदालत की कार्यवाही से पूरी तरह अवगत थे, फिर भी उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।”

अदालत ने कहा कि एक संवैधानिक न्यायालय के रूप में हाईकोर्ट के पास व्यापक शक्तियां हैं, लेकिन जब मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित था, तब हाईकोर्ट को इस पर विचार नहीं करना चाहिए था।
राहुल को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने वन अधिकारी राहुल को 11 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण (Show Cause) देने का आदेश दिया है कि उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
साथ ही, अदालत ने निर्देश दिया कि हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही वापस ली जाए और 10 अक्टूबर को दिए गए स्थगन आदेश पर तुरंत रोक लगाई जाए।
 सुप्रीम कोर्ट के कड़े शब्द
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने कहा —

“जब शीर्ष अदालत पहले से इस मुद्दे की सुनवाई कर रही है, तब किसी भी स्तर पर समानांतर कार्यवाही न्यायिक अनुशासन का उल्लंघन है। हाईकोर्ट को इस मामले में स्थगन नहीं देना चाहिए था।”

 केस का पृष्ठभूमि
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Corbett Tiger Reserve) में पाखरो जोन के अंतर्गत गैरकानूनी निर्माण और पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर सीबीआई जांच जारी है।सीबीआई ने 4 सितंबर को कुछ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी।
पहले राज्य सरकार ने राहुल को इस केस से अलग रखा था, लेकिन बाद में एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी।यही मंजूरी अब विवाद का केंद्र बनी हुई है।
 अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर 2025 को करेगा, जब राहुल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देना होगा।

Sapna Rani

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