जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम थाना परिसर में शुक्रवार देर रात एक भयानक विस्फोट ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। रात करीब 11:20 बजे हुए इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हैं। पांच घायल अब भी गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं।
घटना कैसे हुई?
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और फोरेंसिक की संयुक्त टीम फरीदाबाद से बरामद अमोनियम नाइट्रेट की जांच के लिए नमूने तैयार कर रही थी। यह सामग्री हाल ही में पकड़े गए एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी थी। नमूनों की इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक तेज धमाका हो गया, जिससे थाने का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि यह वही विस्फोटक है जिसे दिल्ली के लाल किले के पास i20 कार ब्लास्ट में भी इस्तेमाल किया गया था।
दमदार धमाके से इलाके में अफरा-तफरी
धमाका इतना तीव्र था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ आग की चपेट में आ गईं। घटनास्थल पर मौजूद कई शव क्षत-विक्षत हो गए, जिससे पहचान की प्रक्रिया कठिन हो गई है। रात के सन्नाटे में एम्बुलेंस, पुलिस और रेस्क्यू वाहनों की आवाज़ें गूँजती रहीं।
स्थानीय दर्जी भी विस्फोट में मारा गया
थाने में मौजूद एक स्थानीय दर्जी, जिसे जब्त किए गए विस्फोटक पदार्थ के लिए कवर सिलने का काम दिया गया था, वह भी इस विस्फोट का शिकार बन गया। धमाके के समय वह परिसर के भीतर ही मौजूद था।
फरीदाबाद से जब्त 360 किलो विस्फोटक की जांच चल रही थी
कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुज़म्मिल गनई की निशानदेही पर फरीदाबाद से लगभग 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था। इनमें से 360 किलो सामग्री को जांच के लिए श्रीनगर लाया गया था।
एफएसएल की टीम इसी सामग्री से नमूने इकट्ठा कर रही थी कि अचानक यह हादसा हो गया।
DGP ने दी जानकारी — “यह आकस्मिक घटना है”
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह घटना आकस्मिक प्रतीत होती है। किसी भी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत अभी नहीं मिले हैं।
उन्होंने बताया कि मृतकों में शामिल हैं—
1 SIA अधिकारी
3 FSL कर्मी
2 फोटोग्राफर
2 राजस्व अधिकारी
1 स्थानीय दर्जी
घायलों में 3 नागरिक भी शामिल हैं।
आतंकी मॉड्यूल का खुलासा और ‘शेयर्ड ईमेल’ नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि दिल्ली व कश्मीर में हुए धमाकों से जुड़े संदिग्ध —
डॉ. उमर उन नबी
डॉ. मुज़म्मिल गनई
डॉ. शाहीन शाहिद
—एक ही ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। वे ड्राफ्ट फ़ोल्डर में संदेश छोड़कर एक-दूसरे को जानकारी देते थे, जिससे किसी भी निगरानी एजेंसी को उनकी बातचीत का पता नहीं चलता था।
इलाके में सुरक्षा कड़ी, जांच जारी
धमाके के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है। उच्च स्तरीय जांच टीम को घटनास्थल पर भेज दिया गया है। विस्फोट का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि सामग्री में कोई रासायनिक बदलाव हुआ था या हैंडलिंग में कोई त्रुटि हुई।
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