रुड़की। हरिद्वार जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बाहरी एजेंसियां या पुलिस कार्रवाई कर बड़े मामलों से जुड़े अपराधियों को उठा ले जाती है। जबकि, स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग पाती।
आतंकवादी संगठनों से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी हो या अंतरराज्यीय नशा तस्करी का मामला, कई बार कार्रवाई दूसरे राज्यों की पुलिस या एजेंसियों ने की और हरिद्वार पुलिस बाद में केवल औपचारिकता निभाती नजर आई। इससे पुलिस के खुफिया नेटवर्क पर सवाल तो खड़े हो ही रहे हैं। साथ ही जनता के बीच भी पुलिस की कार्यक्षमता को लेकर चर्चाएं होने लगी हैं।
बेहद संवेदनशील है हरिद्वारहरिद्वार जिले को धार्मिक, औद्योगि और पर्यटन दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं और कई महत्वपूर्ण आयोजन भी होते हैं। इसके बावजूद कई मामलों में स्थानीय पुलिस की सक्रियता अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें बाहरी एजेंसियों ने जिले में कार्रवाई कर महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां कीं।
कभी आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध पकड़े गए तो कभी अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ। इन घटनाओं ने पुलिस के सूचना तंत्र और स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका मुखबिर तंत्र और स्थानीय नेटवर्क होता है।
पुलिस को भनक तक नहीं लगीयदि बाहरी एजेंसियां लगातार जिले में आकर कार्रवाई कर रही हैं और स्थानीय पुलिस को पहले से जानकारी नहीं मिल रही है तो यह चिंता का विषय है। ऐसा एक या दो बार नहीं बल्कि कई बार हो चुका है। वर्ष 2016 में अर्धकुंभ के दौरान आपरेशन क्लश को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन से जुड़े तीन युवकों को दिल्ली स्पेशल सेल उठाकर ले गई थी। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।
बाद में मामला सामने आने के बाद पुलिस की किरकरी हुई थी। वहीं, इससे पहले वर्ष जनवरी 2010 में भी इस तरह की कार्रवाई हो चुकी है। वहीं, पंजाब और दिल्ली की पुलिस कई बार शहर और देहात में नशा तस्करों को उठाकर ले जा चुकी है। पुलिस बाद में लीकर पीटने तक सीमित रही है। वहीं हाल ही में कलियर क्षेत्र के आसफनगर से टेरर फडिंग से जुड़े मामले में गांव की युवती सोनम को जम्मू कश्मीर की पुलिस उठाकर ले गई थी। पाकिस्तानी हेंडलर से युवती के संबंध थे।
उधर, रुड़की के ढंडेरा निवासी मुर्सरफ को सहारनपुर पुलिस ने सहारनपुर से पकड़ा था। उसके आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी मिलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया था। सालों से ढंडेरा में रहने वाले युवक की गतिविधियों से पुलिस पूरी तरह से अनजान रही। इस तरह के कई मामले पुलिस की मुश्किल बढ़ा चुके हैं।
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