समर कैंप और हस्तलेखन कार्यशाला का आगाज़, 100 से अधिक बच्चों ने लिया भाग –

 
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली (गौचर) में पांच दिवसीय समर कैंप एवं हस्तलेखन कार्यशाला का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस कार्यशाला में स्थानीय विद्यालयों के कक्षा 4 से 9 तक के 8 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 100 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों की हस्तलेखन कला में सुधार करना तथा लेखन शैली को अधिक सुंदर और प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि सुंदर और स्पष्ट लिखावट व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि अच्छी लिखावट परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में भी सहायक होती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह समर कैंप लगातार चौथी बार आयोजित किया जा रहा है, जो संस्थान की एक महत्वपूर्ण और नवाचारी पहल है।
हस्तलेखन कार्यशाला के विषय में प्राचार्य ने कहा कि भावी अध्यापकों का लेखन सुंदर और स्पष्ट होना चाहिए, क्योंकि शिक्षक की लिखावट का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से इस नवाचार की सराहना की कि कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थी स्नातक उत्तीर्ण युवाओं एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नरेंद्र गिरि गोस्वामी प्रतिभाग कर रहे हैं। उनके साथ उनके विद्यालय के छात्र-छात्राएं दीक्षित, योगेश, बबलू, दीक्षा, भूमिका एवं लता सहायक प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। इन बच्चों द्वारा प्रतिभागियों को लेखन की बारीकियों, अक्षरों की संरचना, शब्दों की बुनावट तथा उचित अंतराल के महत्व के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने बताया कि यह कार्यशाला आगामी 29 जून तक संचालित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों की लिखावट में सुधार करना, अक्षरों की सुंदरता बढ़ाना तथा लेखन में संतुलन और स्पष्टता विकसित करना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस कार्यशाला में 100 स्थानीय बच्चों के साथ-साथ 62 डीएलएड प्रशिक्षु भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जिससे यह कार्यक्रम शिक्षा एवं प्रशिक्षण का एक उत्कृष्ट संगम बन गया है।
उद्घाटन सत्र में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बर्त्वाल, गोपाल प्रसाद कपरूवाण, डॉ. गजपाल राज, सुबोध डिमरी, शशि कंडवाल, प्रभु दयाल एवं मनोज धपवाल सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमलेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया।

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