काशीपुर, नवंबर 2025।सुप्रीम कोर्ट के परमवीर सिंह सैनी केस (Paramveer Singh Saini Case) में दिए गए आदेशों के अनुपालन में उत्तराखंड पुलिस ने राज्य के सभी जिलों में 996 सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras) स्थापित किए हैं।
इन कैमरों का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय और जनपद स्तरीय निरीक्षण समितियों का गठन किया गया है।
यह जानकारी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) को सूचना का अधिकार (RTI) के तहत पुलिस मुख्यालय, उत्तराखंड द्वारा प्रदान की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई राज्यव्यापी CCTV निगरानी व्यवस्था
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 2 दिसंबर 2020 के अनुपालन में उत्तराखंड के 166 पुलिस थानों में कुल 996 CCTV कैमरे स्थापित किए गए हैं।प्रत्येक थाने में 6 कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 1 वर्ष की रिकॉर्डिंग क्षमता, ऑडियो-वीडियो फीचर और निगरानी नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है।
जिलेवार CCTV कैमरों की संख्या
सूचना के अनुसार, उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में कैमरों की स्थापना इस प्रकार की गई है:
जिला
थानों की संख्या
कैमरों की संख्या
अल्मोड़ा
12
72
बागेश्वर
6
36
चमोली
10
60
चंपावत
8
48
देहरादून
23
138
हरिद्वार
19
114
नैनीताल
16
96
पौड़ी गढ़वाल
14
84
पिथौरागढ़
16
96
रुद्रप्रयाग
5
30
टिहरी गढ़वाल
12
72
उधम सिंह नगर
18
108
उत्तरकाशी
7
42
कुल योग
166 थाने
996 कैमरे
निरीक्षण और रखरखाव की व्यवस्था
सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और रखरखाव के लिए विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी की गई है।
जनपद स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी:
थाना प्रभारी (SHO) कैमरों की कार्यशीलता की प्रतिदिन जांच करेंगे।
हेड कांस्टेबल या उपनिरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जो प्रतिदिन सुबह 8 बजे कैमरों की स्थिति रिपोर्ट दर्ज करेगा।
किसी भी तकनीकी खराबी या छेड़छाड़ की स्थिति में तत्काल सूचना जनपद निरीक्षक (पुलिस दूरसंचार) को दी जाएगी।
राज्य स्तर पर जिम्मेदारी:राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति में सचिव गृह विभाग अध्यक्ष, सचिव वित्त विभाग, पुलिस महानिदेशक और राज्य महिला आयोग के सदस्य शामिल किए गए हैं।
जनपद स्तरीय समिति में:मंडलायुक्त (अध्यक्ष), जिलाधिकारी, एसएसपी/एसपी, नगर क्षेत्र में महापौर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत अध्यक्ष सदस्य के रूप में शामिल हैं।
हर थाने की गतिविधि पर रहेगी निगरानी
एसओपी के अनुसार प्रत्येक थाने में तैनात कर्मचारी अपनी ड्यूटी से पहले कैमरों की जांच करेगा, पूरी रात की रिकॉर्डिंग को चेक करेगा और रिपोर्ट थाना प्रभारी को देगा।इसके अतिरिक्त, जनपद नियंत्रण कक्ष (DCR) से हर दो घंटे में कैमरों की स्थिति की निगरानी की जाएगी ताकि कोई कैमरा निष्क्रिय न रहे।
यदि किसी कैमरे की AMC (वार्षिक रखरखाव अनुबंध) समाप्ति के करीब हो, तो तीन महीने पहले ही नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ताकि निगरानी में कोई बाधा न आए।
पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम
सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद उत्तराखंड पुलिस ने जो कदम उठाए हैं, वे कानून-व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि अब थानों में दर्ज मामलों, पूछताछ कक्षों और सार्वजनिक क्षेत्रों में हुई घटनाओं की रिकॉर्डिंग के चलते जनसुरक्षा, मानवाधिकार और पुलिसिंग में सुधार देखने को मिलेगा।
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