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उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: पिता की चीख सुन बचाने गई 12 साल की बेटी, करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत – myuttarakhandnews.com

हल्द्वानी। किसी बच्चे के लिए पिता का साया ही उसकी पूरी दुनिया होता है। पिता की मुस्कुराहट चेहरे पर खुशी ला देती है तो उनकी एक कराह मासूम दिल को बेचैन कर देती है। 12 साल की अलिज्बा के साथ भी सोमवार रात कुछ ऐसा ही हुआ। घर के बाहर से पिता की दर्दनाक चीख सुनाई दी तो उसके कदम एक पल को भी नहीं ठिठके। न उसे अपनी जान की चिंता थी और न सामने खड़े खतरे का अंदाजा। उसके मन में बस एक ही बात थी… पापा को बचाना है।
अलिज्बा दौड़कर पिता के पास पहुंची। पिता को करंट की चपेट में देख उसने उन्हें बचाने के लिए हाथ बढ़ा दिया। लेकिन उसे क्या पता था कि पिता को बचाने के लिए बढ़ा उसका वही नन्हा हाथ उसकी जिंदगी का आखिरी कदम बन जाएगा। देखते ही देखते करंट ने मासूम बेटी को भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ पलों के लिए शायद घरवालों को उम्मीद रही होगी कि पिता और बेटी दोनों बच जाएंगे।
दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक पिता को बचाने निकली बेटी की कोशिश आखिरकार अधूरी रह गई और दोनों की सांसें एक साथ थम गईं। अलिज्बा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी छोटी बहनों को शायद अभी यह भी पूरी तरह समझ नहीं आया होगा कि उनकी बड़ी बहन अब कभी उनके साथ नहीं खेलेगी।
मां की आंखों के सामने बेटी का चेहरा और वह आखिरी दौड़ बार-बार घूम रही है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चों की आवाजें गूंज रही थीं, वहां अब मातम, चीख-पुकार और सन्नाटा है।
शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्थास्वजन का आरोप है कि घर के पास लगे बिजली के पोल को लेकर पहले शिकायत की गई थी। पोल में करंट आने और बिजली लाइन के घर के नजदीक होने की बात विभाग को बताई गई थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप है।
हादसे के बाद अब सवाल उठ रहा है कि यदि शिकायत पहले ही की गई थी तो समय रहते जांच और सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए। हालांकि करंट फैलने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। विभागीय जांच के बाद ही हादसे के कारण और जिम्मेदारी की स्थिति साफ होगी।
सपा प्रभारी ने पिता-पुत्री की मौत पर जताया दुखसमाजवादी पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने आजादनगर निवासी नदीम सलमानी और उनकी 12 वर्षीय पुत्री की विद्युत करंट से हुई मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नदीम अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
सिद्दीकी ने कहा कि क्षेत्र में आए दिन विद्युत आपूर्ति में अर्थिंग और डबल फेस की समस्या रहती है। हादसे के दिन भी लोगों ने इसकी शिकायत की थी। उन्होंने सरकार, प्रशासन और विद्युत विभाग से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

Nandni sharma

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