Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: पीएसी में तैनात एक जवान की हवस का शिकार हुई नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन दूसरे दिन ही उसकी मौत हो गई। पीड़िता का परिवार न्याय की मांग को लेकर भटक रहा है, लेकिन उनको सुरक्षा देने की बजाय पुलिस के एक दारोगा पर पीड़िता को धमकाने और केस रफा-दफा करने का दबाव बनाने का आरोप परिजनों ने लगाया है। वहीं, अस्पताल में पीड़िता की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जाने पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने महिला सुरक्षा मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलने की बात कही है।टिहरी जनपद के कैंपटी थाने के अंतर्गत 17 वर्षीय नाबालिग से हरिद्वार में पीएसी में तैनात एक सिपाही नितेश ने शादी का झांसा देकर उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब नाबालिग गर्भवती हुई तो सिपाही ने उस पर अनर्गल आरोप लगा दिए और शादी करने से इनकार कर दिया। किशोरी बार-बार शादी के लिए बोलती रही तो सिपाही ने उसे डराया और धमकाया भी। मामले में कैंपटी थाने में पॉक्सो एक्ट में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।13 सितंबर को देहरादून के अस्पताल में भर्ती हुई पीड़ितानाबालिग 7 महीने की गर्भवती थी। 13 सितंबर को उसे देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन बच्चे की मौत हो गई। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना अस्पताल पहुंचे और महिला डॉक्टर से मिलकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टर से पीड़िता की ठीक से देखभाल करने के लिए भी कहा। इसी दौरान उन्हें पता चला कि पीड़िता की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जबकि पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि थाना डालनवाला में तैनात एक दारोगा आरोपी नितेश का नजदीकी रिश्तेदार है और वह बार-बार मामले को रफा-दफा करने के लिए उन पर दबाव बना रहा है। दारोगा ने एफआईआर में भी गलत तथ्य लिखवाए हैं।सीओ ने दारोगा पर कार्रवाई के आश्वासन दियापीड़िता की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस नेता धस्माना ने सीओ कैंपटी से फोन पर गहरी नाराजगी जताई। कहा कि अस्पताल में इलाज करवा रही पीड़िता की सुरक्षा में कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं है और न ही अभी तक आरोपी दोनों युवकों की गिरफ्तारी हुई है। डालनवाला थाने से जो दारोगा अस्पताल में पीड़िता को धमकाने के लिए गया था, उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी उन्होंने की है। साथ ही यह भी कहा है कि पीड़िता के 164 में बयान दर्ज करवाए जाएं और मृतक बच्चे का डीएनए भी करवाया जाए। सीओ कैंपटी ने उनको आश्वस्त करते हुए बताया कि अस्पताल में पीड़िता की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। मृतक बच्चे का डीएनए करवाने की तैयारी भी है। यह भी कहा है कि जिस भी दारोगा ने पीड़िता पर दबाव डालने का प्रयास किया है उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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