पौड़ी। उत्तराखंड के शिक्षा जगत से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पौड़ी पुलिस ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर बेचने वाले एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग गढ़वाल विवि की फर्जी डिग्रियों के जरिए सरकारी और निजी नौकरियों में चयन ले रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस रैकेट का खुलासा किया।
कैसे चलता था फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार आरोपी HNBGU के फर्जी लेटरहेड, सील और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर मार्कशीट, डिग्री सर्टिफिकेट, माइग्रेशन और चरित्र प्रमाण पत्र तैयार करते थे। इसके लिए वे असली विवि की वेबसाइट से मिलते-जुलते नकली पोर्टल भी बनाते थे ताकि वेरिफिकेशन के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा सके।
रैकेट के तार उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी जुड़े होने का शक है। आरोपी जरूरतमंद छात्रों और नौकरी चाहने वालों को मोटी रकम लेकर “कम समय में डिग्री” दिलाने का लालच देते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, डिग्री, कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्जी मुहरें, विवि के नाम के लेटरहेड और नकद बरामद किए हैं। अभी तक कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अब तक कितने लोगों को फर्जी दस्तावेज बेचे गए और किन-किन संस्थानों में उनका इस्तेमाल हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि `यह शिक्षा के क्षेत्र में एक गंभीर अपराध है। फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।` HNBGU प्रशासन को भी इस संबंध में पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है ताकि असली और फर्जी दस्तावेजों की जांच की जा सके।
विश्वविद्यालय ने दी चेतावनी
HNBGU प्रशासन ने कहा कि विश्वविद्यालय से डिग्री लेने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और परिसर से ही संपर्क करें। किसी भी एजेंट या थर्ड पार्टी के झांसे में न आएं। विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या विवि प्रशासन को दें।
बिजनौर से दबोचा गया आरोपी
कोतवाली श्रीनगर की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पुलिस की मदद से उत्तर प्रदेश के बिजनौर में छापेमारी कर नामजद आरोपी कासिफ कलीम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर तैयार की गई कई फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित डिग्रियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में बीएससी का छात्र था। परीक्षा में असफल होने के बाद उसने खुद को योग्य साबित करने और नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया।
बीएनएस की कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
शिकायत के आधार पर श्रीनगर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3), 336(4), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने मामले का संज्ञान लेते हुए विशेष जांच टीम गठित कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस का मानना है कि यह अकेले व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि एक संगठित फर्जी डिग्री नेटवर्क हो सकता है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि अब तक कितने लोगों ने इन नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नौकरी या अन्य लाभ हासिल किए हैं और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं
Post Views: 3
Post navigation
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: Governor Lt Gen (Retd) Gurmit Singh, addressing probationers…
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए 35 कार्यकर्तियां भी सम्मानित होंगी 8 अगस्त को देहरादून में…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 18 Aug: Senior BJP leader Vivekanand Khanduri has issued a…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: BJP state media in-charge Manveer Singh Chauhan today…
सौड़ा सरौली में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूर्णता की ओर, कलिंगा नहर बहाल होने से…
Following the accident in the THDC tunnel currently under construction, and acting under the directives…