Categories: hindiUttarakhand

तीन परिवारों के इकलौते चिराग बुझे, उत्तराखंड में दर्दनाक सड़क हादसों ने ले ली जान – myuttarakhandnews.com

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में दो अलग अलग हादसों में दो किसान समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों मृत युवक घर के इकलौते चिराग थे। जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी में गौलापार में रविवार शाम को हादसा हुआ। जिसमें बाजार से घर जा रहे किसानों की बाइक सामने से आ रही बाइक से टकराई गईं। हादसे में एक किसान की मौके पर और दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतकों की पहचान गौलापार निवासी चंदन सिंह और हरीश बृजवासी के रूप में हुई। वहीं, गुलाब घाटी के पास शनिवार देर रात जन्मदिन मनाने जा रहे दो दोस्तों की बुलेट अनियंत्रित होकर क्रश बैरियर से टकरा गई। बुलेट सवार गेठिया, ज्योलीकोट के 19 वर्षीय ऋषभ गैड़ा की मौत हो गई।
गौलापार के देवला मल्ला, कुंवरपुर स्थित तुषार टैंट हाउस के पास रविवार रात आठ बजे दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों बाइकों का अगला हिस्सा अलग हो गया। हादसे में जान गंवाने वाले चंदन सिंह और हरीश बृजवासी अपने घरों के इकलौते चिराग थे। इस हादसे में दौलतपुर निवासी पवनेश कुलोरा भी गंभीर घायल हुए हैं। निजी अस्पताल में भर्ती पवनेश की हालत नाजुक बताई जा रही है।
किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना थाएसओ काठगोदाम विमल मिश्रा ने बताया कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिए हैं। जिला पंचायत सदस्य के पति अर्जुन बिष्ट ने बताया कि दोनों बाइकों की रफ्तार तेज बताई जा रही थी। दोनों कास्तकारी करते थे। दोनों शादीशुदा थे। उनके बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि दोनों हादसों में मरने वाले किसी भी युवक ने हेलमेट नहीं पहना था।
पहले पति, अब बेटे ने भी किरन का साथ छोड़ाहल्द्वानी। शनिवार रात गुलाबघाटी, भद्यूनी के पास दो दोस्तों की बुलेट बाइक अनियंत्रित होकर क्रश बैरियर से टकरा गई। बुलेट पर पीछे बैठा गेठिया, ज्योलीकोट निवासी ऋषभ गैड़ा छिटककर गहरी खाई में जा गिरा। गंभीर हालत में उसे हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि बाइक चला रहे उसके साथी मयंक को गंभीर चोट आई। ऋषभ एचएम करने के बाद ऋषिकेश के एक होटल में नौकरी कर रहा था। वह दीवाली पर छुट्टी लेकर घर आया था। वह अक्सर हल्द्वानी के बचीनगर, लामाचौड़ में अपने नाना-नानी के यहां रहता था। मृतक की मां किरन गैड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। 18 साल पहले ऋषभ के पिता का निधन हो गया था। इकलौता चिराग जाने के बाद मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

Nandni sharma

Share
Published by
Nandni sharma

Recent Posts

उत्तराखंड के हर थाने में गूंजेगा राष्ट्रीय एकता का संदेश, एकता परेड का होगा सीधा प्रसारण – myuttarakhandnews.com

देहरादून। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को उत्तराखंड पुलिस प्रदेशभर में विभिन्न…

1 hour ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तराखंड दौरा स्थगित, 2 नवंबर को केदारनाथ में करने वाली थीं दर्शन – myuttarakhandnews.com

देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा फिलहाल स्थगित हो गया है।…

1 hour ago

बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर लापता! DM ने की पुष्टि, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू | Chamoli helicopter missing badrinath joshimath | my uttarakhand news

बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर लापता! DM ने की पुष्टि, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू | Chamoli…

2 hours ago